कानपुर पुलिस का बड़ा धमाका: देशव्यापी फर्जी डिग्री रैकेट का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार
बिना परीक्षा बन रहे थे डॉक्टर-इंजीनियर; कानपुर में करोड़ों का फर्जी मार्कशीट और डिग्री घोटाला पकड़ा गया
अजीत मिश्रा (खोजी)
फर्जी डिग्री और ‘लंदन अवार्ड’ के नाम पर करोड़ों की ठगी, कानपुर में अंतरराज्यीय गिरोह बेनकाब : क्राइम ब्रांच और किदवई नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; आरोपियों पर लगेगा गैंगस्टर एक्ट, SIT करेगी जांच।
- इंटर से लेकर PhD तक की डिग्रियां बेच रहा था अंतरराज्यीय गिरोह, कानपुर क्राइम ब्रांच ने दबोचा
- लंदन और दुबई तक फैले थे तार: फर्जी डिग्री के साथ ‘लंदन अवार्ड’ के नाम पर भी करते थे ठगी
- सावधान! सेलिब्रिटीज को फर्जी अवार्ड देकर चमका रहे थे धंधा, कानपुर पुलिस की गिरफ्त में आए दो जालसाज
- खातों में करोड़ों का खेल: कानपुर में फर्जी माइग्रेशन और डिग्री का बड़ा भंडाफोड़
- डिग्री स्कैम: तेलंगाना यूनिवर्सिटी के नाम पर बांटे 80 फर्जी सर्टिफिकेट, सरगना मनीष गिरफ्तार
ब्यूरो रिपोर्ट ।। कानपुर नगर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए फर्जी मार्कशीट, डिग्री और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार कर देश भर के छात्रों से ठगी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना किदवई नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस अवैध धंधे में शामिल दो शातिर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए अभियुक्तों की पहचान मनीष उर्फ रवि और अर्जुन यादव के रूप में हुई है। पुलिस को जांच के दौरान इनके बैंक खातों से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेनदेन के सुराग मिले हैं। साथ ही, गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है।
बिना परीक्षा दिए बांट रहे थे PhD तक की डिग्रियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह देश के विभिन्न फर्जी विश्वविद्यालयों और प्रतिष्ठित संस्थानों के नाम पर इंटरमीडिएट से लेकर पीएचडी (PhD) तक की फर्जी मार्कशीट, डिग्री, ग्रेड शीट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करता था। आरोपी बैकडेट में बिना किसी परीक्षा के ही मोटी रकम लेकर लोगों को डिग्रियां उपलब्ध कराने का खेल खेल रहे थे।
पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। मौके से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज, विभिन्न विश्वविद्यालयों की नकली मोहरें, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
80 से अधिक फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने अकेले ‘तेलंगाना यूनिवर्सिटी’ समेत कई नामी संस्थानों के नाम का दुरुपयोग कर विभिन्न राज्यों के छात्रों को करीब 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट जारी किए थे।
सेलिब्रिटीज के नाम पर ‘अवार्ड शो’ का फर्जीवाड़ा
जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। यह गिरोह सिर्फ शिक्षा के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि सम्मान बांटने के नाम पर भी बड़ा फर्जीवाड़ा कर रहा था। आरोपी “GLOBAL BOOK of EXCELLENCE AWARD UK LONDON” के नाम पर कथित अवार्ड कार्यक्रमों का आयोजन करते थे।
इस फर्जी संस्था के माध्यम से कई नामी सेलिब्रिटीज को अवार्ड देने का दावा किया जाता था और बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार कर रसूखदार लोगों से मोटी रकम ठगी जाती थी। पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी मनीष ने अपनी दुबई यात्रा की बात भी स्वीकार की है, जिससे पुलिस को अंदेशा है कि इस रैकेट के तार विदेशों से भी जुड़े हो सकते हैं।
गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, SIT करेगी जांच
मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य सुसंगत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
इस गिरोह के नेटवर्क की गहराई और इसमें शामिल अन्य सफेदपोशों व सदस्यों की तलाश के लिए एसआईटी (SIT) एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है। पुलिस कमिश्नर ने साफ किया है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।









